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सोमवार, 9 अप्रैल 2012

श्रीमान जरदारी -तब होगी मुलाकात !

श्रीमान जरदारी -तब होगी मुलाकात !
Zardari — private visit, political agenda: Pics



जो भेजते हैं कातिल हमारी ज़मीन पर   ;
आये थे बन जियारती  हमारी ज़मीन पर   .

रचते हैं साजिशें अपनी  ज़मीन  पर   ;
हम दे  रहे जियाफ़त1  उन्हें हमारी जमीन  पर   .


तू तो हमारे कातिलों को दे रहा पनाह ;
हम हाथ मिलाते हैं हमारी ज़मीन पर !



कैसे करें क़ुबूल  ख्वाज़ा तेरी दुआ ?
तूने बहाया  खून हमारी ज़मीन पर .


फैलसूफ2 फैयाज़3 बना ख्वाज़ा की मज़ार पर ,
करता है क्यों मसखरी हमारी ज़मीन पर .


महकूम4 हिन्दुस्तान की जानती है सब ;
क्यों करता तमाशा हमारी ज़मीन पर .


तू घुटा मुरशिद5 करे दोस्ती की बात ,
मुल्ज़िम तो  कर हवाले हमारी ज़मीन पर .


माकूल है चेहरे से मखौटे को हटा दे ;
फिर होगी मुलाकात हमारी ज़मीन पर .


                           शिखा कौशिक 


[1-दावत ,२-dhoort   ;3-दानी ;४-janta   ;5-mahadhoort  ]

4 टिप्‍पणियां:

dr.mahendrag ने कहा…

BAHUT SUNDAR

dr.mahendrag ने कहा…

bahut hi sundar

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

सटीक ...सुंदर रचना

Anita ने कहा…

बहुत खूब !