समर्थक

बुधवार, 25 फ़रवरी 2015

''मुबारकबाद देते हैं !''

Image result for free images of flower with knife
''मुबारकबाद देते हैं !''


हमारी जीत को जो हार बना मात देते हैं !
वही हंसकर गले मिलकर मुबारकबाद देते हैं !
.................................................................
बड़े हमदर्द बनकर दे रहे गम में जो तसल्ली ,
वही तो साज़िशें रच क़त्ल को अंजाम देते हैं !
................................................................
मेरी बदनामियों पर हो खफा दुनिया से भिड़ जाते ,
मुझे बदनाम कर ये इस हुनर से काम लेते हैं !
....................................................................
नहीं हममें अक़्ल जो जान लें वे दोस्त या दुश्मन ,
मगर हम बेअक़्ल  शातिर सभी पहचान लेते हैं !
.................................................................
बड़े मासूम हैं ; नादान हैं ; क्या कहें 'नूतन '
जो हमको क़त्ल कर कातिल का हमें नाम देते हैं !


शिखा कौशिक 'नूतन'

रविवार, 18 जनवरी 2015

*सुना कुत्तों की दावत है !*


Stormy Clouds Weather Stock Photo - 19770770
कहर बरसा  मेरे घर तो वो बोले सब सलामत है ,
गई छींटें जो उनकें घर तो बोले अब क़यामत है !
..........................................................................
मेरे बच्चों ने पी पानी गुज़ारी रात सारी है ,
बराबर के बड़े घर में सुना कुत्तों की दावत है !
.................................................................
बिना गाली के जिनकी गुफ्तगूं होती नहीं पूरी ,
हमें इलज़ाम देकर कह रहे हम बे-लियाकत हैं !
..............................................................
क़त्ल करते हैं और लाशों पे जो करते सियासत हैं ,
नहीं मालूम उनको एक अल्लाह की अदालत है !
................................................................
हमारे हाथ में है जो कलम वो सच ही लिखेगी ,
कलम के कातिलों से इस तरह करनी बगावत है !


शिखा कौशिक 'नूतन'

शनिवार, 10 जनवरी 2015

'अभी हार मत मानो !'


Image result for free images of victory sign
असफलता से मिलेगी ;
राह सफलता की ,
है जरूरत नर नहीं ;
किंचित विकलता की ,
खुद में छिपी जो शक्ति है ,
उसको तो पहचानो !
अभी हार मत मानो !
............................
लूट गया सर्वस्व ;
अश्रु मत बहाओ तुम ,
होकर सचेत फिर उठो ;
न यूँ रहो गुमसुम ,
बिगड़े हुए काम को
ऐसे संवारो   !
अभी हार मत मानो !
.........................................
गिर गए तो क्या हुआ ;
घुटने न टेको ,
असफल होकर पुनः ;
प्रयास कर देखो ,
जय मिलेगी एक दिन ;
सत्य को जानो !
अभी हार मत मानो !

शिखा कौशिक 'नूतन'