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मंगलवार, 23 अक्तूबर 2012

चली राम की सेना रावण का दंभ मिटाने !


विजयदशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनायें !




धर्म पताका फहराने , पापी को सबक सिखाने ,
चली राम की सेना रावण का दंभ मिटाने !
हर हर हर हर महादेव !

रावण के अनाचारों से डरकर  वसुधा है डोली ,
दुष्ट ने ऋषियों के प्राणों से खेली खून की होली ,
सत्यमेव जयते की ज्योति त्रिलोकों में जगाने !
चली राम की सेना ........................
हर हर हर हर महादेव !

तीन लोक में रावण के आतंक का बजता डंका ,
कैसे मिटेगा भय रावण का देवों को आशंका ?
मायावी की माया से सबको मुक्ति दिलवाने !
चली राम की सेना ........................
हर हर हर हर महादेव !

जिस रावण ने छल से हर ली पंचवटी से सीता ,
शीश कटे उस रावण का , करें राम ये कर्म पुनीता ,
पतिव्रता नारी को खोया सम्मान दिलाने !
चली राम की सेना ......
हर हर हर हर महादेव !

एकोअहम के दर्प में जिसने त्राहि त्राहि मचाई ,
उस रावण का बनकर काल आज चले रघुराई ,
निशिचरहीन करूंगा धरती अपना वचन निभाने !   
चली राम की सेना .....................
हर हर हर हर महादेव !

                                                   शिखा कौशिक 'नूतन' 

4 टिप्‍पणियां:

शालिनी कौशिक ने कहा…

बहुत ही सामयिक व् शानदार प्रस्तुति .आपको भी विजयादशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

Aziz Jaunpuri ने कहा…

nice lines "जिस रावण ने छल से हर ली पंचवटी से सीता , शीश कटे उस रावण का , करें राम ये कर्म पुनीता पतिव्रता नारी को खोया सम्मान दिलाने !....."

madhu singh ने कहा…

जिस रावण ने छल से हर ली पंचवटी से सीता , शीश कटे उस रावण का , करें राम ये कर्म पुनीता , पतिव्रता नारी को खोया सम्मान दिलाने ! bahut sundar prastuti,nari samman ke liye nirantar sangharsh ki zooroorat hai

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
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♥(¯*•๑۩۞۩~*~विजयदशमी (दशहरा) की हार्दिक शुभकामनाएँ!~*~۩۞۩๑•*¯)♥
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