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मंगलवार, 5 अप्रैल 2011

हाँ शाहिद हम तंगदिल हैं !

हाँ शाहिद हम तंगदि हैं ! 
इसीलिए हम पाकिस्तानियों
की तरह अपनी धरती पर
आतंकवादी तैयार नहीं करते
और न ही कसाब जैसे हैवानों को
भेजते हैं आपके देश में
मासूमों का क़त्ल करने .

हाँ शाहिद हम तंगदिल हैं !
इसीलिए अपने जवान बेटों को
शहीद  करवाकर भी
शुरू कर देते हैं समझौता
एक्सप्रेस और भेजते हैं बुलावा
क्रिकेट मैच देखने का ,
जबकि तुम बड़े दिल वाले
आज तक मुंबई हमले की
अपनी साजिश को स्वीकार नहीं
करते और नकार देते हो
हमारे द्वारा प्रस्तुत हर
सबूत को .

हाँ शाहिद हम तंगदिल हैं
और हमारे राष्ट्र पिता भी
तो तंगदिल थे जिन्होंने
पचपन करोड़ देकर तुम्हारे
राष्ट्र को आर्थिक सुद्रढ़ता  
प्रदान करनी चाही
बदले में तुम बड़े दिल वालों ने
उस पैसे से हथियार जुटा कर
हम पर ही हमला कर डाला .

हाँ शाहिद हम तंगदिल हैं
तुम जैसे बड़े दिल वालों से
लाख गुना बेहतर क्योंकि
हम हिन्दुस्तानी है
केवल हिन्दुस्तानी .

''जय हिंद '

8 टिप्‍पणियां:

शालिनी कौशिक ने कहा…

हाँ शाहिद हम तंगदिल हैं
तुम जैसे बड़े दिल वालों से
लाख गुना बेहतर क्योंकि
हम हिन्दुस्तानी है
केवल हिन्दुस्तानी .
ek sateek kathan aapne bahut hi chaturai se kaha hai.

आकाश सिंह ने कहा…

शिखा दीदी आपने तो शाहिद की बोलती बंद कर दिया | मैं यही सोच रहा था की अभी तक किसी का मुंह क्यों नही खुला | अच्छी कविता के लिए आभार |

वन्दना ने कहा…

आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (7-4-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

http://charchamanch.blogspot.com/

Anita ने कहा…

कितना सटीक जवाब दिया है आपने इस कविता के माध्यम से, बहुत बहुत बधाई !

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

Khoob.... :)

दीपक बाबा ने कहा…

बेहतरीन

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत सटीक ....सुन्दर प्रस्तुति ..

दिगम्बर नासवा ने कहा…

Bahut shaaleen sa jawaab diya hai aapne Shahid Afridi ko ... shayad isliye ki ham hindustaani hain ... bahut achhaa laga padh kar ...