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शनिवार, 28 अप्रैल 2012

इसीलिए तो माँ दिल पर राज़ करती है


[google से sabhar ]
कभी आंसू नहीं मेरी आँख में आने देती ;
मुझे माँ में खुदा की खुदाई दिखती है .

लगी जो चोट मुझे आह उसकी निकली ;
मेरे इस जिस्म में रूह माँ की ही बसती है .

देखकर खौफ जरा सा भी  मेरी आँखों में ;
मेरी माँ मुझसे दो कदम आगे चलती है .

मेरे चेहरे से मेरे दिल का हाल पढ़ लेती ;
मुझे माँ कुदरत का  एक करिश्मा लगती है .

नहीं कोई भी  माँ से बढ़कर दुनिया में ;
इसीलिए तो माँ दिल पर  राज़ करती  है .

                        शिखा कौशिक  
                       [vikhyat ]




गुरुवार, 26 अप्रैल 2012

जीतेगा वही जो खेलेगा जी जान से

Republic Day WallpapersIndependance Day WallpaperWish U Good Luck!

सम्पूर्ण भारतीय दल को लन्दन ओलम्पिक हेतु हार्दिक  शुभकामनायें !

जीतेगा वही जो खेलेगा जी जान से ;
रोशन वही है शमा ...लड़ती है जो तूफ़ान से 
जीतेगा वही जो खेलेगा जी जान से .
मुश्किल किसे हैं कहते वो जानता ही नहीं ;
मजिल पाए बिना जो मानता ही नहीं ;
दुनिया में जीत का परचम फहराता है शान से .
जीतेगा वही ..........

जिसने की है मेहनत किस्मत को उसने ना कोसा;
किस्मत पर वो नहीं खुद पर करता भरोसा ;
लेती  है उसका  नाम दुनिया सम्मान से .
जीतेगा वही ........

                                   जय हिंद !जय भारत !
                                       शिखा कौशिक 


मंगलवार, 17 अप्रैल 2012

भारतीय हॉकी टीम को लन्दन ओलंपिक हेतु हार्दिक शुभकामनाये !








India Political Map
[maps  of india से साभार ]






                  भारतीय हॉकी टीम को लन्दन ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन  करने हेतु हार्दिक शुभकामनाये !


ओ दिल्ली वालो ...ओ मुंबई वालों 
ओ गुजरात  वालों .....कलकत्ता वालों 
अब बैट छोडो  ..स्टिक संभालो !
लब पर सजा लो ..मेरे संग संग गा  लो 
कर दे गोल ..कर दे गोल !
हॉकी पर हमको नाज़ है ;
करती दिलो पर राज है ;
ये ही हमारी शान है ;
ये ही हमारा मान है ,


ओ बिहार वालो ...ओ यूं.पी.वालो 
ओ एम् पी. वालो ..ओ राजस्थान वालो 
हिमाचल वालो ....उत्तराखंड वालो 
हरियाणा वालो ...चेन्नई वालो 


ह से है हिंदी बनती 
ह से ही हॉकी बनती 
ह से बने हिंदुस्तान 
दोनों है इसकी शान 
निकले जुबा से बोल ,
कर दे गोल ...कर दे गोल 


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मिशन लन्दन ओलंपिक हॉकी गोल्ड




                            शिखा कौशिक 
                   [हॉकी -हमारा राष्ट्रीय खेल ]



शनिवार, 14 अप्रैल 2012

जिन्दगी में जीत फिर तुम्हारी होगी!


हर  सुबह नई आशा  के साथ जागो;
 दिल में विश्वास रखो ऊपर वाले के प्रति;
गिरो अगर तो गिरकर संभालो खुद को;
जिन्दगी में जीत फिर तुम्हारी होगी!


ये मत सोचो क्या खो दिया;
रखो आशा कुछ पाने की;
मत रो अपनी विफलता पर ;
लिखो नयी इबारत कामयाबी की!


संघर्षो की राह पर चलकर  ;
मंजिल पालो सपनो की;
गम की गर्मी में तपकर ही
मिलेंगी सांसे राहत की!


जीवन कर्म का स्थल है;
आराम  यहाँ  कहाँ  करना  है;
निज  प्रयासकी क्यारी को 
खुशियों  के फूलो  से  भरना  है !


                             शिखा कौशिक 
                      [विख्यात ]

सोमवार, 9 अप्रैल 2012

श्रीमान जरदारी -तब होगी मुलाकात !

श्रीमान जरदारी -तब होगी मुलाकात !
Zardari — private visit, political agenda: Pics



जो भेजते हैं कातिल हमारी ज़मीन पर   ;
आये थे बन जियारती  हमारी ज़मीन पर   .

रचते हैं साजिशें अपनी  ज़मीन  पर   ;
हम दे  रहे जियाफ़त1  उन्हें हमारी जमीन  पर   .


तू तो हमारे कातिलों को दे रहा पनाह ;
हम हाथ मिलाते हैं हमारी ज़मीन पर !



कैसे करें क़ुबूल  ख्वाज़ा तेरी दुआ ?
तूने बहाया  खून हमारी ज़मीन पर .


फैलसूफ2 फैयाज़3 बना ख्वाज़ा की मज़ार पर ,
करता है क्यों मसखरी हमारी ज़मीन पर .


महकूम4 हिन्दुस्तान की जानती है सब ;
क्यों करता तमाशा हमारी ज़मीन पर .


तू घुटा मुरशिद5 करे दोस्ती की बात ,
मुल्ज़िम तो  कर हवाले हमारी ज़मीन पर .


माकूल है चेहरे से मखौटे को हटा दे ;
फिर होगी मुलाकात हमारी ज़मीन पर .


                           शिखा कौशिक 


[1-दावत ,२-dhoort   ;3-दानी ;४-janta   ;5-mahadhoort  ]

रविवार, 8 अप्रैल 2012

मिशन लन्दन ओलंपिक हॉकी गोल्ड


आठ साल बाद  मिला मौका 
लक्ष्य हो बस गोल्ड मेडल -


ये है मिशन लन्दन ओलंपिक !



मिशन लन्दन ओलंपिक हॉकी गोल्ड




 


हम दिल से खेलेंगे ,जान लड़ा देंगे ;
अपनी हॉकी का जलवा दुनिया को दिखा देंगें ;
हम हॉकी के जादूगर ;इतिहास दोहरा देंगें ;
लन्दन में अपनी जीत का परचम लहरा देंगें .


                                     शिखा कौशिक 



मंगलवार, 3 अप्रैल 2012

हे भोले ! तेरे हम भक्त हैं ![भक्ति....]


हे भोले ! तेरे हम भक्त हैं ![भक्ति....]
Shivling Amarnath


अल्हड़  हैं ..अलमस्त हैं ;
हे भोले ! तेरे हम भक्त हैं ;
पर भव-सागर में फंसे हुए हैं ;
माया बंधन से कसे हुए हैं ;
रक्षा करो हे नाथ बाबा अलख निरंजन !
बोलो  बम बम बम...बाबा अलखनिरंजन !


धर्म का लोप हुआ ...त्रस्त है दुनिया सारी;
घटा पुण्य का मान ...पाप का पलड़ा भारी ;
अपने डमरू की डम डम से हर लो अघ का तम ;
बाबा अलख निरंजन ! बोलो बम बम बम !


धोकर सभी के पाप हुई गंगा मैली ;
संस्कार की बिगड़ गयी सब भाषा शैली ;
हर लो संकट आकर अब  मेरे भगवन !
बाबा अलख निरंजन ! बोलो बम बम बम !




सारा जग द्वेष की आग में धू धू जलता 
तुम्ही  करो उद्धार जगत के कर्ता -धर्ता  ;
तुम तो हो उद्धारक और हम हैं अधमाधम ;
बाबा अलख निरंजन !बोलो बम बम बम 
                                                     जय गौरी शंकर की !
                                                      जय भोलेनाथ की !


                             शिखा कौशिक 

रविवार, 1 अप्रैल 2012

स्त्री बनाम स्त्री !

स्त्री  बनाम  स्त्री !
   India TravelIndian WomenIndia Culture & Tradition
[google से साभार ]


आज तक जितनी भी 
जली-कटी उसने सुनी  थी ;
सारी  की  सारी  
बहू को ज्यों की 
त्यों  कही  थी 
क्योंकि  ..
सास  भी कभी  
बहू  थी !


बहू  बनकर  आई   
सास  को माँ  न मान पाई ;
माँ को होता  था  दर्द 
खूब  सेवा  करती  थी 
पर  सास के  तड़पने  पर भी 
अपने कमरे  में  
आराम  से  लेटी थी ;
यकीन  नहीं  होता 
ये  बहू भी कभी  
बेटी  थी !




अपनी  भाभी की 
चुगली माँ से करती थी ;
उन  दोनों  में मतभेद  कर  
मज़े  लेती थी ;
खुद ब्याह कर जब  
ससुराल  आई ;
अपने जैसी ही  ननद पाई ;
ये सबक  था ...या सजा थी 
उस  बहू के लिए  
जो   खुद  एक  
ननद  थी !


                               shikha kaushik 
                                         [vikhyat ]