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बुधवार, 25 जनवरी 2012

आओ मिलकर हम मनाएं गणतंत्र का दिन

आओ मिलकर  हम मनाएं गणतंत्र का  दिन  

आज है गणतंत्र का  दिन 
देश  का ये  पर्व  है ;
हम हैं भारत के निवासी 
हम को इस पर गर्व है !

राजपथ पर आज तिरंगा
 शान से लहराएगा ;
''जय हिंद''  का नारा  गूंजेगा 
हर  ह्रदय  हर्षायेगा   ;
देख  कर बल सेनाओं का
जोश  में भर जायेंगें  ;
बार  बार  हम ख़ुशी  में 
बस यही   दोहरायेंगें    ,
आओ मिलकर  हम मनाएं  
हम सभी का धर्म है ,
हम हैं भारत के निवासी 
हम को इस पर गर्व है !

आज के दिन सन पचास में 
संविधान था लागू हुआ ;
लोकतंत्र की इस बुलंदी को 
हमने ही इस दिन था छुआ ,
पूर्ण संप्रभुता वाला अपना  
भारत वर्ष है ,
हम हैं भारत के निवासी 
हमको इस पर गर्व है !

                                       शिखा कौशिक 

रविवार, 22 जनवरी 2012

सावधान रहें ऐसे गुरु -चेले से !

सावधान रहें  ऐसे  गुरु -चेले से !




गुरु  का  करते  हैं  वंदन ! 
तंत्र  सिखा  दो  मन्त्र  सिखा दो  
सिखा  दो  जादू  टोना  
खाली   झोली   लाया   हूँ   मैं  
भर   दो  चांदी   सोना  ;
गुरु  का  करते  ...............

वशीभूत करने का मुझको 
अब तो मन्त्र बता   दो ;
कैसे  ठगते  जनता  को  हैं ?
ये  षड्यंत्र  सिखा दो ,
गुरु का करते हैं ......

भोली  जनता बलि  का बकरा  
कैसे है  बन  जाती  ?
राज  खोल  दो आज  गुरु जी  
बात  समझ  नहीं  आती  ,
गुरु का करते .........

चेले  ने  जब  पैर  दबाये  
तब  गुरु जी ये बोले  ...
सबसे  पहले  साथ  में  रखो  
बड़े  बड़े  से  झोले  ,
गुरु का करते ....

झोले लेकर  जनता के फिर
बीच  में तुम को जाना ;
झाड़ -फूंक  का ढोंग  रचाकर  
अपना  रंग  जमाना  ,
गुरु का करते हैं वंदन ...

जगा  के लालच कहना  मैं 
दुगने कर दूंगा गहने ;
गहने हाथ  में आ  जाये 
फिर किस्मत  के क्या  कहने  !
गुरु का करते ...

सबकी आँखें बंद कराकर   
रफूचक्कर हो जाना ,
पुलिस  जो पकडे कभी तुम्हे 
फिर उसको भेंट  चढ़ाना   ,
गुरु का करते हैं ............

चेले मैंने  आज तुम्हे 
सारी विद्या  दे  डाली ;
बस तुम रीत निभाते रहना 
गुरु दक्षिणा  वाली  ,
गुरु का करते ....

                                                      शिखा कौशिक 
                                             [विख्यात ]

गुरुवार, 19 जनवरी 2012

जय हो भारत माता की !

जय  भारत माता की 
जय हो भारत माता की !
Azadi 15 august
[गूगल से साभार ]

धरती से लेकर अम्बर तक ;
सूरज से लेकर समंदर तक;
पूरब से लेकर पश्चिम तक ;
उत्तर से लेकर दक्षिण तक ;
जय भारत माता ........


सीमाओं पर डट जाओ;
माँ की आन पे मिट जाओ ;
दुश्मन  से   जा टकराओ ;
मार दो या  मर जाओ ;
ye  kahte  nikle  dam     
जय  भारत  माता   की !


लक्ष्य से  विचलित  ना  हो  मन ;
रखना  सुरक्षित  अपना  वतन  ;
शत्रु  की चाल  को  करके विफल;
दिखला देना बाहुबल;
बस लबो  पे रहे  हरदम   
जय  भारत  माता  की .
                                             जय  हिंद !
                                       शिखा  कौशिक   
                                      [विख्यात ]


सोमवार, 16 जनवरी 2012

राधे तूने मुरली..............


राधे  तूने मुरली  क्यूँ है  चुराई  ?
लगती  है  भोली पर करे  चतुराई   
राधे तूने ................

माता जसोदा के लल्ला सुनो 
जो कुछ भी पूंछूं सच सच कहो 
इसमें ही कान्हना  है तेरी भलाई !
राधे तूने .....



किसने सिखाया मीठी मुरली बजाना ?
घर घर में जाकर माखन चुराना ;
किसने तुम्हे ये मोहनी सिखाई ?
राधे तूने .......................



कोयल से सीखा है मुरली बजाना ,
सिखलाते मित्र  मुझे माखन चुराना ,
तुमने ही मुझको ये मोहनी सिखाई 
राधे तूने ..............



भोला  नहीं तू सीधा नहीं है ;
गोपियों की मटकी फोड़े तू ही है ,
कैसे करे तू इतनी ढिठाई ?
राधे तूने .....


राधे सुनो इन प्रश्नों को छोडो ,
लीला हमारी है परदे न खोलो ;
ढूंढ ली है मुरली जो थी छिपाई  
राधे तूने .........


                                  शिखा कौशिक 
                         [विख्यात ]



शुक्रवार, 6 जनवरी 2012

बीवी और शौहर


बीवी और शौहर 




रात भर जागी  बीवी दर्द से जो तडपा शौहर ;
कभी बीवी के लिए क्यों नहीं जगता शौहर ?


करे जो काम बीवी फ़र्ज़ हैं उसको कहते ;
अपने हर एक काम को अहसान क्यों कहता शौहर ?


रहो हद में ये हुक्म देता बीवी को ;
मगर खुद पर कोई बंदिश नहीं रखता शौहर .


नहीं है हक़ बीवी को उठा के देख ले आँखें ;
जरा सी बात पर क्यों हाथ उठाता शौहर ?


शौहर के लिए दुनिया छोड़ देती बीवी ;
दुनिया के कहने पर उसी को छोड़ता शौहर .


                                    शिखा कौशिक 
                           [विख्यात ]